बंद कमरे में खामोश हो गईं जांबाज थानेदार की सांसें, सरकारी आवास में फंदे से झूले SHO सूर्य प्रकाश सिंह; रो-रोकर बेहाल हुआ परिवार
बस्ती • 29 Aug 2026, 10:41 pm

बस्ती : फर्ज और खाकी के प्रति पूरी निष्ठा से समर्पित एक जांबाज पुलिस अफसर की जिंदगी का इस तरह दर्दनाक अंत हो जाएगा, यह किसी ने सपने में भी नहीं सोचा था। बस्ती जिले के वाल्टरगंज थानाध्यक्ष सूर्य प्रकाश सिंह का शव शनिवार देर शाम कलेक्ट्रेट परिसर स्थित उनके सरकारी आवास के बंद कमरे में फंदे से लटकता मिला। जैसे ही यह हृदयविदारक खबर सामने आई, परिजनों में चीख-पुकार मच गई और रो-रोकर उनका बुरा हाल हो गया, वहीं पूरे पुलिस महकमे में गहरा सन्नाटा और मातम पसर गया।
हमेशा चेहरे पर सौम्य मुस्कान और सीने में हौसला रखने वाले एक जिंदादिल अफसर के इस तरह खामोश हो जाने से हर कोई स्तब्ध है। सहकर्मी और परिचित यह सोचकर अंदर तक हिल गए हैं कि जो इंसान हर मुश्किल और तनावपूर्ण हालात को हंसते हुए संभाल लेता था, उसने आखिर किस गहरे दर्द, अकेलेपन या बेबसी के चलते खुद को मौत के हवाले कर दिया। सूर्य प्रकाश सिंह का जुड़ाव केवल बस्ती तक सीमित नहीं था; सिद्धार्थनगर जिले में भी उन्होंने लंबा समय बिताया था। वहां शोहरतगढ़ क्षेत्र की कोटिया चौकी इंचार्ज और फिर त्रिलोकपुर थाने के थानाध्यक्ष के रूप में उन्होंने अपनी न्यायप्रियता और मिलनसार स्वभाव से आम जनता के दिलों में खास जगह बनाई थी। वह जहां भी तैनात रहे, अपने व्यवहार से लोगों का विश्वास और स्नेह जीतते रहे।
मामले की जानकारी देते हुए बस्ती परिक्षेत्र के डीआईजी संजीव त्यागी ने बताया, "थानाध्यक्ष वाल्टरगंज श्री सूर्य प्रकाश सिंह दोपहर करीब 1 बजे अपने सहकर्मियों के साथ आए थे और उन्हें सिविल लाइन चौकी पर छोड़कर खुद कलेक्ट्रेट स्थित सरकारी आवास पर आराम करने चले गए थे। शाम करीब 6:45 बजे जब उनके साथी उपनिरीक्षक (SI) बलराम गौड़ आवास पर पहुंचे, तो कमरा अंदर से बंद मिला। दरवाजा तोड़कर अंदर देखा गया तो वह पंखे के हुक से लटके हुए मिले। इसके बाद करीब 7 बजे अधिकारियों को सूचना दी गई, जिसके तुरंत बाद एडिशनल एसपी, सीओ, एसपी और मैं स्वयं मौके पर पहुंचे।"
डीआईजी संजीव त्यागी ने आगे बताया, "मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। हमारी पुलिस टीम, सर्विलांस टीम, एसओजी, फील्ड यूनिट और फॉरेंसिक टीम मौके पर मौजूद रहकर हर पहलू की वैज्ञानिक जांच और साक्ष्य जुटाने में जुटी हुई है। किसी भी नतीजे या कारण पर पहुंचना अभी जल्दबाजी होगी, पूरी जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।"
इस मनहूस समाचार ने पूरे पुलिस महकमे और उनके चाहने वालों को गहरा सदमा दिया है। फिलहाल पुलिस प्रशासन सभी पहलुओं की गहनता से पड़ताल कर रहा है, लेकिन सूर्य प्रकाश सिंह की यह असमय विदाई खाकी और उनके परिवार के सीने पर एक गहरा जख्म छोड़ गई है।








