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रिश्तों का कत्ल: आशिक के प्यार में अंधी पत्नी ने रचा खूनी षड्यंत्र, ₹1.10 लाख में पति का सौदा कर नदी में फिंकवाया शव

सिद्धार्थनगर • 8 Sept 2026, 4:15 pm

रिश्तों का कत्ल: आशिक के प्यार में अंधी पत्नी ने रचा खूनी षड्यंत्र, ₹1.10 लाख में पति का सौदा कर नदी में फिंकवाया शव
सिद्धार्थनगर : पवित्र वैवाहिक बंधन और अटूट विश्वास को कलंकित करने वाली एक ऐसी रूह कंपा देने वाली दास्तान सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। जो पत्नी जीवन भर साथ निभाने की कसमें खाती है, उसी ने अवैध संबंधों और घरेलू कलह के दलदल में धंसकर अपने ही सुहाग का कत्ल करवा दिया। ढेबरुआ पुलिस और जनपदीय एसओजी की संयुक्त टीम ने मुहचोरवा घाट पर ई-रिक्शा चालक हरिश्चन्द्र की हत्या की खौफनाक गुत्थी सुलझाते हुए हत्यारिन पत्नी, उसके प्रेमी और सुपारी किलर सहित चार अभियुक्तों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है। बीती 30 अगस्त की रात मुहचोरवा घाट पर बूढ़ी राप्ती नदी के किनारे जो मंजर दिखा, उसने हर किसी को सन्न कर दिया था। हरिश्चन्द्र अग्रहरि (निवासी कपियवा, इटवा) का शव नदी में उतरा रहा था और उसका ई-रिक्शा ढलान पर इस कदर फंसाया गया था मानो कोई भीषण सड़क हादसा हुआ हो। लेकिन कातिल यह भूल गए थे कि कानून के हाथ बहुत लंबे होते हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन की अगुवाई में एसओजी और ढेबरुआ पुलिस ने जब कड़ियां जोड़नी शुरू कीं, तो हादसे का यह मुखौटा उतर गया और एक सुनियोजित, नृशंस हत्याकांड सामने आया। जांच में जो सच बाहर आया, उसने खाकी को भी स्तब्ध कर दिया। मृतक हरिश्चन्द्र की पत्नी माया देवी का गांव के ही नियाज अहमद से लंबे अरसे से नाजायज रिश्ता था। नियाज न सिर्फ माया पर पैसे लुटाता था, बल्कि उसके पूरे घर का खर्च चला रहा था। शराबी पति की मारपीट और आए दिन की कलह से निजात पाने के लिए माया देवी ने अपने आशिक पर पति को हमेशा के लिए रास्ते से हटाने का दबाव बनाया। इसके बाद खूनी खेल का ताना-बाना बुना गया। नियाज ने ₹1,10,000 की सुपारी तय कर इरशाद और अब्दुल्ला नामक दो शातिर युवकों को इस साजिश में शामिल किया। योजना के तहत 30 अगस्त की रात हरिश्चन्द्र को सुनसान मुहचोरवा घाट पर बुलाया गया और बेरहमी से चाकुओं से गोदकर मौत के घाट उतार दिया गया। गुनाह छिपाने के लिए शव नदी में फेंका और ई-रिक्शा को दुर्घटनाग्रस्त दिखाने की नाकाम कोशिश की गई। एसओजी प्रभारी मिथिलेश कुमार राय और थानाध्यक्ष ढेबरुआ चन्द्रकान्त पाण्डेय की टीम ने घेराबंदी कर मुख्य साजिशकर्ताओं को दबोच लिया। कातिलों की निशानदेही पर कत्ल में इस्तेमाल खूनी चाकू, 6 मोबाइल, पहचान पत्र और एक एयर इंडिया का टिकट बरामद हुआ है। एसएसपी ने इस सनसनीखेज ब्लाइंड मर्डर का राजफाश करने वाली पुलिस टीम को ₹20,000 नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया है।

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