सरेआम नियमों की धज्जियां: युगकृष्णा इंडियन गैस सर्विस बढ़नी बाजार की मनमानी, होम डिलीवरी चार्ज लेकर भी उपभोक्ताओं को धूप में लगा रहे लाइन
सिद्धार्थनगर • 5 Jul 2026, 9:57 pm

उत्तर प्रदेशसिद्धार्थनगरव्यूज़: 457
सिद्धार्थनगर। सरकार और तेल कंपनियों के सख्त निर्देशों के बावजूद बढ़नी क्षेत्र में आम उपभोक्ताओं का खुलेआम शोषण हो रहा है। क्षेत्र में उपभोक्ताओं को बेहतर सेवा देने का दावा करने वाली युगकृष्णा इंडियन गैस सर्विस बढ़नी बाजार द्वारा बढ़नी नगर और ग्रामीण क्षेत्रों में चिन्हित दो-चार जगहों पर गाड़ियां खड़ी कर, उपभोक्ताओं की लंबी-लंबी लाइनें लगवाकर गैस का वितरण किया जा रहा है। इस चिलचिलाती धूप और अव्यवस्था के बीच आम जनता को अपने हक के सिलेंडर के लिए घंटों कतार में खड़ा होना पड़ रहा है, जो सीधे तौर पर उपभोक्ता अधिकारों का हनन और तेल कंपनियों के नियमों का खुला उल्लंघन है।
नियमों के मुताबिक, गैस सिलेंडर के आधिकारिक बिल में 'होम डिलीवरी शुल्क' पहले से ही शामिल होता है। जब उपभोक्ता घर बैठे सेवा पाने का पूरा भुगतान कर रहे हैं, तो एजेंसी उन्हें सड़कों पर लाइन लगाने के लिए मजबूर कर रही है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि जब उपभोक्ताओं के घरों तक सप्लाई ही नहीं दी जा रही है, तो आखिर एजेंसी होम डिलीवरी का चार्जेस किस हक से वसूल रही है? जो उपभोक्ता खुद चलकर गाड़ी तक आ रहे हैं और अपना सिलेंडर ले जा रहे हैं, उन्हें डिलीवरी चार्ज की रकम घटाकर वापस क्यों नहीं की जा रही? यह सीधे तौर पर 'नो सर्विस, फुल पेमेंट' यानी बिना सेवा दिए आम जनता के साथ अवैध वसूली का गंभीर मामला बनता है। इस पूरे मामले में गैस एजेंसी सीधे तौर पर वैधानिक और प्रशासनिक घेरे में आती है, क्योंकि उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 के तहत भुगतान के बावजूद सेवा न देना 'अनुचित व्यापार व्यवहार' की श्रेणी में आता है। इसके साथ ही इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन की गाइडलाइंस के मुताबिक हर गैस एजेंसी को उपभोक्ता के पंजीकृत पते यानी उसके रसोई घर तक सिलेंडर पहुंचाना अनिवार्य है और किसी चौराहे या सड़क पर गाड़ी खड़ी करके इस तरह वितरण करना पूरी तरह प्रतिबंधित है। सरेआम सड़क किनारे भारी भीड़ के बीच गैस सिलेंडरों का ऐसा असुरक्षित वितरण सुरक्षा मानकों के भी खिलाफ है और किसी बड़ी दुर्घटना को आमंत्रण दे रहा है।
इस अव्यवस्था और जनता के सुलगते सवालों को लेकर जब हमारे संवाददाता द्वारा युगकृष्णा इंडियन गैस सर्विस के मालिक के मोबाइल नंबर पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो उनका मोबाइल स्विच ऑफ मिलने के कारण उनसे बात नहीं हो सकी और इस गंभीर मुद्दे पर एजेंसी का पक्ष नहीं मिल पाया। उधर इस तपती धूप में लाइन में खड़ी बुजुर्ग महिलाओं, बीमार लोगों और अपना काम-धंधा छोड़कर आए मजदूरों में एजेंसी के इस रवैये को लेकर भारी आक्रोश व्याप्त है। अब क्षेत्र की जनता सीधे प्रशासन से सवाल पूछ रही है कि क्या जिला पूर्ति अधिकारी और संबंधित प्रशासनिक अधिकारी बढ़नी क्षेत्र में हो रही इस मनमानी से अनजान हैं या फिर सब कुछ जानकर भी मौन साधे हुए हैं? गैस एजेंसी की इस कार्यप्रणाली को लेकर स्थानीय उपभोक्ताओं और नागरिकों ने जिला प्रशासन और जिला पूर्ति अधिकारी से मांग की है कि इस पूरी अव्यवस्था की तत्काल जांच की जाए और दोषी एजेंसी पर सख्त कार्रवाई हो। नागरिकों का साफ कहना है कि यदि अविलंब घर-घर सुचारू रूप से होम डिलीवरी की व्यवस्था शुरू नहीं की गई, तो इस वित्तीय अनियमितता और उपभोक्ताओं के उत्पीड़न के खिलाफ साक्ष्यों के साथ इंडियन ऑयल के उच्चाधिकारियों और मुख्यमंत्री पोर्टल पर लिखित शिकायत दर्ज कराई जाएगी।








