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गोंडा जंक्शन और कचहरी के बीच तीसरी विद्युत लाइन तैयार, रेल संरक्षा आयुक्त की मौजूदगी में 71 किमी की रफ्तार से हुआ सफल स्पीड ट्रायल

लखनऊ10 Jul 2026, 8:07 pm

गोंडा जंक्शन और कचहरी के बीच तीसरी विद्युत लाइन तैयार, रेल संरक्षा आयुक्त की मौजूदगी में 71 किमी की रफ्तार से हुआ सफल स्पीड ट्रायल
उत्तर प्रदेशलखनऊव्यूज़: 13
गोंडा जंक्शन और कचहरी के बीच तीसरी विद्युत लाइन तैयार, रेल संरक्षा आयुक्त की मौजूदगी में 71 किमी की रफ्तार से हुआ सफल स्पीड ट्रायल लखनऊ (10 जुलाई 2026)। पूर्वोत्तर रेलवे ने लखनऊ मंडल के तहत यात्री सुविधाओं के विस्तार और ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाने की दिशा में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। गोंडा-बुढ़वल रेलखंड पर बुनियादी ढांचे को मजबूत करते हुए गोंडा जं. — गोंडा कचहरी के बीच 4.89 किलोमीटर लंबी नवनिर्मित तीसरी विद्युतकर्षण लाइन का वैधानिक संरक्षा निरीक्षण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। 25,000 वोल्ट ए.सी. क्षमता वाली इस नई लाइन पर रेल संरक्षा आयुक्त (पूर्वोत्तर परिमंडल) श्री प्रणजीव सक्सेना के नेतृत्व में आयोजित उच्च स्तरीय निरीक्षण के दौरान मुख्य विद्युत इंजीनियर/निर्माण श्री ओ.पी. सिंह, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी/निर्माण श्री अनुज मित्तल और मंडल रेल प्रबंधक (DRM) श्री गौरव अग्रवाल सहित निर्माण संगठन व लखनऊ मंडल के सभी प्रमुख शाखाधिकारियों की उपस्थिति में सुरक्षा मानकों को बेहद बारीकी से परखा गया। इस दौरान नवनिर्मित ट्रैक पर सीआरएस स्पेशल ट्रेन दौड़ाकर 71 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम अनुमेय गति से किया गया स्पीड ट्रायल पूरी तरह सफल रहा। सुरक्षा मानकों को सुनिश्चित करने के लिए रेल संरक्षा आयुक्त ने पूरी टीम के साथ इस रूट के चप्पे-चप्पे की सघन जांच की। निरीक्षण की शुरुआत गोंडा कचहरी रेलवे स्टेशन से हुई, जहां यार्ड में लगे पॉइंट एंड क्रॉसिंग संख्या 226ए का मानकों के अनुसार मिलान किया गया। इसके बाद अधिकारियों ने मोटर ट्रॉली पर सवार होकर गोंडा कचहरी से गोंडा जं. के बीच स्थित ब्रिज संख्या 354, 362 और लो हाइट सबवे (LHS) की सुरक्षा को परखा। समपार संख्या 261ए पर पहुंचकर रेल संरक्षा आयुक्त ने न सिर्फ फाटक का अवलोकन किया, बल्कि ड्यूटी पर तैनात गेटमैन से आपातकालीन सुरक्षा से जुड़े सवाल पूछकर उसकी कार्यकुशलता और सजगता की जांच भी की। वहीं गोंडा जंक्शन पहुंचने पर नवनिर्मित अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग पैनल, सेंट्रल रिले रूम, बैटरी रूम और 'स्टेशन वर्किंग रूल' के अपडेशन का व्यापक निरीक्षण कर तकनीक की सटीकता जांची गई। इस नई तीसरी लाइन के शुरू होने से गोंडा-बुढ़वल खंड पर ट्रेनों के परिचालन में आने वाली रुकावटें खत्म होंगी, जिससे ट्रेनों की रफ्तार बढ़ने के साथ ही पूर्वोत्तर रेलवे की समयबद्धता में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा और यात्रियों को समय पालन में बड़ी राहत मिलेगी। इस महत्वपूर्ण अवसर पर लखनऊ मंडल के वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक, वरिष्ठ मंडल इंजीनियर (III), वरिष्ठ मंडल सिग्नल एवं दूरसंचार इंजीनियर, वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक (सामान्य), वरिष्ठ मंडल विद्युत इंजीनियर (टीआरडी) और वरिष्ठ मंडल संरक्षा अधिकारी सहित रेलवे के तमाम तकनीकी अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे। रेलवे सूत्रों के मुताबिक, सीआरएस से अंतिम मंजूरी मिलते ही इस रूट पर ट्रेनों का नियमित परिचालन शुरू कर दिया जाएगा।

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