राष्ट्रीय लोक अदालत की सफलता के लिए न्यायिक अधिकारियों की प्री-ट्रायल बैठक, अधिक से अधिक वादों के निस्तारण पर जोर
सिद्धार्थनगर • 2 Sept 2026, 10:48 pm

सिद्धार्थनगर : राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) नई दिल्ली एवं उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के निर्देशानुसार, आगामी 12 सितंबर 2026 को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत की सफलता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बुधवार को जनपद न्यायालय में न्यायिक अधिकारियों की प्री-ट्रायल बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष अजय कुमार श्रीवास्तव-तृतीय ने की।
बैठक को संबोधित करते हुए जनपद न्यायाधीश ने कहा कि लोक अदालत में मुख्य रूप से ऐसे वादों को चिन्हित कर शामिल किया जाए, जिनमें दोनों पक्षों की आपसी सहमति और सुलह-समझौते की प्रबल संभावना हो। उन्होंने सभी न्यायिक अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने न्यायालयों में लंबित व विचारणीय मामलों की सूची तैयार करें और उनमें से योग्य प्रकरणों का चयन कर उनके त्वरित निस्तारण पर विशेष ध्यान दें। उन्होंने चेक बाउंस, पारिवारिक विवाद, मोटर दुर्घटना दावा (MACT), बैंक ऋण वसूली, विद्युत बिल विवाद, श्रम संबंधी मामले एवं अन्य दीवानी प्रकृति के प्रकरणों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित कराने के निर्देश दिए।
राष्ट्रीय लोक अदालत के नोडल अधिकारी व अपर जनपद न्यायाधीश वीरेंद्र कुमार ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव शैलेंद्र नाथ को निर्देशित किया कि पैरालीगल वालिंटियरों के माध्यम से प्रचार-प्रसार में तेजी लाई जाए। उन्होंने जिला मुख्यालय सहित विभिन्न तहसीलों के प्रमुख सार्वजनिक स्थलों—जैसे न्यायालय परिसर, कलेक्ट्रेट, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, अस्पताल, हाट-बाजार और बैंकों में लोक अदालत के प्रति जागरूकता फैलाने और जनसहभागिता सुनिश्चित करने पर बल दिया, ताकि आमजन को सुलभ व त्वरित न्याय मिल सके।
इस दौरान अपर जनपद एवं सत्र न्यायाधीश मोहम्मद रफी, त्रिभुवन नाथ, कनिष्क कुमार सिंह, मनोज कुमार तिवारी, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अनुभव कटियार, सिविल जज (सीनियर डिवीजन) अरुण कुमार-चतुर्थ, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण शैलेंद्र नाथ, सिविल जज शकील, प्रियंवदा प्रियदर्शिनी, न्यायिक मजिस्ट्रेट धर्म कुमार सिद्धार्थ, आदेश कुमार श्रीवास्तव और श्रेय कुमार वर्मा सहित अन्य न्यायिक अधिकारी मौजूद रहे। सभी अधिकारियों ने आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिक से अधिक वादों के निस्तारण का आश्वासन दिया।









