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वाल्टरगंज थानाध्यक्ष आत्महत्या कांड का बड़ा खुलासा: स्पा-हनीट्रैप और ब्लैकमेलिंग गिरोह की महिला, पिता व वकील गिरफ्तार

बस्ती • 6 Sept 2026, 4:51 pm

वाल्टरगंज थानाध्यक्ष आत्महत्या कांड का बड़ा खुलासा: स्पा-हनीट्रैप और ब्लैकमेलिंग गिरोह की महिला, पिता व वकील गिरफ्तार
बस्ती : जनपद के वाल्टरगंज थाने के प्रभारी रहे जांबाज पुलिस अधिकारी स्व. सूर्य प्रकाश सिंह की संदिग्ध आत्महत्या के मामले में बस्ती पुलिस ने एक सनसनीखेज खुलासा किया है। रविवार को पुलिस लाइन सभागार में आयोजित संयुक्त प्रेसवार्ता के दौरान पुलिस उपमहानिरीक्षक (DIG) संजीव त्यागी और पुलिस अधीक्षक (SP) डॉ. यशवीर सिंह ने बताया कि सोची-समझी साजिश के तहत हनीट्रैप और ब्लैकमेलिंग के जाल में फंसाकर थानाध्यक्ष को आत्महत्या के लिए मजबूर किया गया था। इस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी महिला, उसके पिता और एक वकील को गिरफ्तार कर लिया है। विदित हो कि रक्षाबंधन के चंद दिनों बाद, 29 अगस्त को वाल्टरगंज थानाध्यक्ष सूर्य प्रकाश सिंह का शव कलेक्ट्रेट परिसर स्थित उनके सरकारी आवास के बंद कमरे में फंदे से लटकता मिला था। पूर्व में सिद्धार्थनगर के शोहरतगढ़ क्षेत्र की कोटिया चौकी इंचार्ज और फिर त्रिलोकपुर थाने के थानाध्यक्ष के रूप में अपनी न्यायप्रिय कार्यशैली के लिए पहचाने जाने वाले इस मिलनसार अधिकारी के अचानक चले जाने से पूरे महकमे में शोक की लहर दौड़ गई थी। घटना के बाद मृतक थानाध्यक्ष के पुत्र संदीप सिंह (निवासी आजमगढ़) की तहरीर पर थाना कोतवाली बस्ती में बीएनएस (BNS) की धारा 108 व 3(5) के तहत मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की गई थी। जांच और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कोतवाली पुलिस व सर्विलांस टीम ने रविवार सुबह सदर अस्पताल चौराहे के पास से एक बोलेरो गाड़ी (UP51BN 5805) के साथ मुख्य आरोपी प्रियंका चौधरी (32 वर्ष), उसके पिता रामनयन चौधरी (निवासी वाल्टरगंज) और सहयोगी वकील विजय प्रकाश यादव (निवासी पैकोलिया) को धर दबोचा। आरोपियों के कब्जे से तीन मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं। पूछताछ में सामने आया कि पिछले 10 वर्षों से पति से अलग रह रही प्रियंका चौधरी मुंबई में ब्यूटी पार्लर व स्पा सेंटरों में काम करती थी। वह संपन्न लोगों को अपने जाल में फंसाकर ऑडियो-वीडियो रिकॉर्ड कर लेती थी और फिर व्हाट्सएप व वीडियो कॉल के जरिए ब्लैकमेल कर भारी रकम वसूलती थी। पीड़ितों को डराने के लिए वह वीडियो कॉल पर अपने हाथ की नस काटकर खून बहता दिखाती थी ताकि वे कानूनी व मानसिक दबाव में आ जाएं। इस पूरे सिंडिकेट में उसका पिता रामनयन चौधरी और वकील विजय प्रकाश यादव कानूनी दांव-पेंच का भय दिखाने व वसूली का प्रबंधन करने में बराबर के हिस्सेदार थे। जांच में यह भी उजागर हुआ है कि इस गिरोह ने पुरैना निवासी अपने ही मकान मालिक डॉ. उमेश से 4 लाख रुपये, हनीट्रैप के पैसों से खरीदी गई बोलेरो के चालक अहमद रजा से 5 लाख रुपये और जबलपुर (म.प्र.) निवासी आर्यन दीक्षित से 15 लाख रुपये की उगाही की थी। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) से पुष्टि हुई है कि घटना के दिन आरोपी लगातार सूर्य प्रकाश सिंह के संपर्क में थे और दोपहर 1:41 बजे अंतिम कॉल आरोपी विजय द्वारा की गई थी। इसी प्रताड़ना और ब्लैकमेलिंग से आहत होकर थानाध्यक्ष ने आत्मघाती कदम उठाया था। …............................. OK Talk India साइबर अवेयरनेस: हनीट्रैप और डिजिटल ब्लैकमेलिंग से ऐसे रहें सावधान इस गंभीर घटना के मद्देनजर आम नागरिकों और इंटरनेट यूजर्स को सोशल मीडिया पर विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी जाती है: अनजान वीडियो कॉल से दूरी: किसी भी अज्ञात नंबर या अजनबी सोशल मीडिया प्रोफाइल से आने वाली वीडियो कॉल को कभी स्वीकार न करें। साइबर अपराधी स्क्रीन रिकॉर्डिंग के जरिए अश्लील या आपत्तिजनक वीडियो तैयार कर ब्लैकमेल करते हैं। संवेदनशील जानकारी कभी साझा न करें: किसी भी नए, अनजान या हालिया संपर्क में आए व्यक्ति के साथ अपनी निजी तस्वीरें, वित्तीय ब्योरा, पारिवारिक बातें या संवेदनशील जानकारी कतई साझा न करें। भावनात्मक दबाव में आकर पैसे न दें: यदि कोई व्यक्ति खुद को नुकसान पहुंचाने, नस काटने या झूठे कानूनी मुकदमों में फंसाने की धमकी देकर पैसे की मांग करे, तो घबराकर रकम न दें; यह ब्लैकमेलरों का मुख्य हथकंडा होता है। डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित रखें: धमकी भरे मैसेज, चैट, ऑडियो रिकॉर्डिंग, कॉल लॉग और बैंक लेन-देन के सभी स्क्रीनशॉट तुरंत सुरक्षित कर लें। तुरंत पुलिस और साइबर सेल को सूचित करें: ब्लैकमेलिंग का शिकार होने पर अकेले दबाव में आने के बजाय तत्काल नजदीकी पुलिस थाने में संपर्क करें या राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 और आधिकारिक पोर्टल cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं।

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