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स्मैक के अवैध कारोबार पर सशस्त्र सीमा बल का प्रहार, 9.23 ग्राम स्मैक के साथ दो गिरफ्तार

सिद्धार्थनगर20 Jul 2026, 9:38 pm

स्मैक के अवैध कारोबार पर सशस्त्र सीमा बल का प्रहार, 9.23 ग्राम स्मैक के साथ दो गिरफ्तार
सिद्धार्थनगर । भारत-नेपाल सीमा पर तैनात सशस्त्र सीमा बल की 50वीं वाहिनी के जवानों ने एक बार फिर सजगता का परिचय देते हुए नशीले पदार्थों की तस्करी पर करारा प्रहार किया है। सशस्त्र सीमा बल की आसूचना शाखा बढ़नी और सशस्त्र सीमा बल 50वीं वाहिनी बढ़नी की संयुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो युवकों को 9.23 ग्राम स्मैक के साथ गिरफ्तार कर पुलिस के सुपुर्द कर दिया। हालांकि, जहां एक ओर सीमा पर तैनात सशस्त्र सीमा बल के जवानों की इस सतर्कता की सराहना हो रही है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय पुलिस प्रशासन एवं सीमा पर तैनात अन्य सुरक्षा एजेंसियों की शिथिलता व सुस्ती को लेकर क्षेत्र में असंतोष व्याप्त है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, 20 जुलाई को आसूचना शाखा को सटीक सूचना मिली थी कि बलरामपुर से ट्रेन के रास्ते दो युवा नशीले पदार्थ लेकर बढ़नी पहुंचने वाले हैं। समवाय प्रभारी सहायक कमांडेंट दीपक चंद के निर्देशन में गठित विशेष नाका पार्टी ने बढ़नी रेलवे स्टेशन के पिछले गेट पर घेराबंदी की। संदिग्ध अवस्था में आते दिखे दो युवकों ने टीम को देखकर भागने का प्रयास किया। कड़ाई से पूछताछ में उन्होंने स्मैक होने की बात स्वीकार की। आरोपियों की पहचान मुकेश कश्यप पुत्र हरिहर प्रसाद और अमीर पुत्र साजिद खान के रूप में हुई। मौजूद सहायक कमांडेंट की उपस्थिति में नियमानुसार ली गई तलाशी के दौरान मुकेश के कब्जे से 5.64 ग्राम तथा अमीर के कब्जे से 3.59 ग्राम (कुल 9.23 ग्राम) संदिग्ध स्मैक बरामद हुई। किट से जांच में पदार्थ पॉजिटिव मिलने पर सशस्त्र सीमा बल ने माल सील कर आरोपियों को ढेबरुआ पुलिस को सौंप दिया। सशस्त्र सीमा बल की इस सफलता के बाद क्षेत्र में स्मैक और नारकोटिक्स दवाओं के फैलते जाल को लेकर बहस छिड़ गई है। स्थानीय ग्रामीणों व प्रबुद्ध जनों का कहना है कि बढ़नी कस्बे और आसपास के गांवों में स्मैक का कारोबार काफी बढ़ चुका है। पकड़े जाने वाले अधिकांश युवा केवल 'कैरियर' (माल ढोने वाले) या लती होते हैं, जिन्हें चंद रुपयों के लालच में इस्तेमाल किया जाता है। क्षेत्रवासियों ने मांग की है कि केवल मोहरों पर कार्रवाई करने के बजाय उन मुख्य सरगनाओं और सिंडिकेट को बेनकाब किया जाना चाहिए जो सीमा पार और आसपास के जिलों से इस जहर की सप्लाई कर रहे हैं। इस जानलेवा नशे के कारण कई घर और युवाओं का भविष्य तबाही के कगार पर पहुंच रहा है। मामले में क्षेत्राधिकारी शोहरतगढ़ मयंक द्विवेदी का कहना है कि क्षेत्र में नशा कारोबारियों के खिलाफ पुलिस प्रशासन पूरी सख्ती से अभियान चला रहा है। इस अवैध धंधे में शामिल किसी भी तस्कर या असामाजिक तत्व को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

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