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सिस्टम की आपराधिक बेरुखी: 11 हजार वोल्ट के तारों से झुलसे दो मासूम, बदहाल सड़क ने रोका एंबुलेंस का रास्ता

सिद्धार्थनगर22 Jul 2026, 10:13 pm

सिस्टम की आपराधिक बेरुखी: 11 हजार वोल्ट के तारों से झुलसे दो मासूम, बदहाल सड़क ने रोका एंबुलेंस का रास्ता
बढ़नी (सिद्धार्थनगर)। प्रशासनिक तंत्र की आपराधिक सुस्ती और विभागीय संवेदनहीनता का एक भयावह खमियाजा बुधवार शाम विकास खंड बढ़नी के तौलिहवा (टोला फुलवरिया) में दो मासूमों को भुगतना पड़ा। घर की छत पर बेफिक्र खेल रहे दो नन्हें बच्चे—प्रिंस (10) पुत्र राजेंद्र और ललित (8) पुत्र राम सकल—छत को छूकर गुजर रही 11 हजार वोल्ट की मौत बनती नंगी हाईटेंशन लाइन की जद में आकर बुरी तरह झुलस गए। तेज धमाके के साथ गिरे बच्चों को देखकर चीख-पुकार मच गई और आनन-फानन में बिजली आपूर्ति ठप कराई गई। हादसे के बाद तंत्र की लाचारी और व्यवस्था की पोल तब खुली, जब जिंदगी और मौत से जूझते बच्चों के लिए बुलाई गई 108 एंबुलेंस गांव तक पहुंच ही नहीं सकी। पीडब्ल्यूडी की बेहद जर्जर सड़क और नदी कटान की उपेक्षा के चलते एंबुलेंस करीब दो घंटे तक जद्दोजहद करने के बाद रास्ते से ही बैरंग लौट गई। तड़पते बच्चों को आखिरकार बदहवास परिजन निजी साधन के सहारे अस्पताल ले गए। फिलहाल ललित का इलाज इटवा में चल रहा है, जबकि जिंदगी की जंग लड़ रहे प्रिंस को गंभीर अवस्था में जिला अस्पताल सिद्धार्थनगर में भर्ती कराया गया है। इस घटना ने प्रशासनिक दावों के खोखलेपन को बेनकाब कर दिया है, जिससे ग्रामीणों का आक्रोश उफान पर है। ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि छत के ऊपर मंडराते इन कातिल तारों को हटाने और बदहाल सड़क की मरम्मत के लिए बिजली विभाग से लेकर क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों तक अनगिनत बार लिखित गुहार लगाई गई, लेकिन अफसरों ने कागजी घोड़ों से आगे सोचना मुनासिब नहीं समझा। विभागों की इसी हठधर्मिता और नाकामी ने आज दो मासूम जिंदगियों को मौत के मुहाने पर लाकर खड़ा कर दिया है।

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