टीईटी अनिवार्यता खत्म करने को शिक्षकों ने सांसद जगदंबिका पाल को सौंपा ज्ञापन, सेवा सुरक्षा का मिला भरोसा
सिद्धार्थनगर • 19 Jul 2026, 11:26 pm

सिद्धार्थनगर। टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (टीएफआई) के एक प्रतिनिधिमंडल ने रविवार को डुमरियागंज सांसद जगदंबिका पाल से उनके आवास पर मुलाकात की और इस दौरान संगठन ने शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की अनिवार्यता को समाप्त करने की पुरजोर मांग उठाते हुए उन्हें एक ज्ञापन सौंपा। सांसद को सौंपे गए इस ज्ञापन में राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) की २३ अगस्त २०१० की अधिसूचना और शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम में आवश्यक संशोधन कराने का आग्रह किया गया है। प्रतिनिधिमंडल ने 'द गजट ऑफ इंडिया' के सेक्शन-२३ तथा १० अगस्त २०१७ को हुए संशोधन का विशेष रूप से हवाला देते हुए मांग की कि कानून लागू होने से पहले से सेवा में कार्यरत शिक्षकों पर टीईटी की अनिवार्यता कतई लागू नहीं होनी चाहिए। शिक्षकों की इन समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए सांसद जगदंबिका पाल ने कहा कि शिक्षकों की सेवा सुरक्षा एक अत्यंत संवेदनशील विषय है और उन्होंने आश्वस्त किया कि उच्चतम न्यायालय के निर्णय से जो भी विसंगतियां पैदा हुई हैं, उन्हें दूर कराने के लिए वह संसद के भीतर और बाहर हर संभव लड़ाई लड़ेंगे। इस मौके पर टीएफआई के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष राधेरमण त्रिपाठी ने कहा कि सांसद जगदंबिका पाल हमेशा से शिक्षक हितों के पक्षधर रहे हैं और संगठन को पूरा भरोसा है कि उनके प्रयासों से साल २०१० से पहले नियुक्त हुए शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से बड़ी राहत मिलेगी। इस मुलाकात के दौरान सांसद ने संगठन के प्रतिभावान बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए टीएफआई के जिला उपाध्यक्ष अशोक कुमार के पुत्र आनंद कुमार को नीट परीक्षा में शानदार सफलता हासिल करने पर विशेष रूप से सम्मानित किया और इस अवसर पर संगठन के जिला, ब्लॉक और संघर्ष समिति के तमाम प्रमुख पदाधिकारी और शिक्षक मुख्य रूप से उपस्थित रहे।









