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जर्जर आंगनबाड़ी केंद्र की छत का प्लास्टर गिरा, तीन मासूम बच्चे व कार्यकत्री बाल-बाल बचे

सिद्धार्थनगर21 Jul 2026, 11:36 pm

जर्जर आंगनबाड़ी केंद्र की छत का प्लास्टर गिरा, तीन मासूम बच्चे व कार्यकत्री बाल-बाल बचे
बढ़नी (सिद्धार्थनगर): विकास खंड बढ़नी के ग्राम पंचायत घरुआर (टोला डढ़उल) स्थित आंगनबाड़ी केंद्र प्रथम में मंगलवार सुबह एक बड़ा हादसा टल गया। सुबह करीब 8:30 बजे जब कार्यकत्री मीनू देवी तीन मासूम बच्चों—साक्षी (5 वर्ष), ऋषभ (3 वर्ष) और कार्तिक (2 वर्ष) को पढ़ा रही थीं, तभी अचानक छत का प्लास्टर भरभराकर गिर पड़ा। हादसे में पास रखी कुर्सी-मेज टूट गई, हालांकि गनीमत रही कि बच्चे और कार्यकत्री बाल-बाल बच गए। इस हादसे ने पहली ही बरसात में मरम्मत के नाम पर हुए भ्रष्टाचार की पोल खोलकर रख दी है। कागजों में सब 'चंगा' दिखाया जा रहा है, लेकिन धरातल पर नौनिहालों की सुरक्षा दांव पर है। सूत्रों के अनुसार, वर्ष 2023-24 में ही पंचायत निधि से जीर्णोद्धार के नाम पर लाखों रुपयों का भुगतान कर दिया गया, बावजूद इसके छत से पानी टपक रहा है और इमारत जर्जर हालत में है। इतना ही नहीं, केंद्र परिसर में उगी बड़ी-बड़ी झाड़ियों के कारण जहरीले जीवों का खतरा भी बना रहता है। दरअसल, यह अकेला मामला नहीं है; क्षेत्र में ज्यादातर आंगनबाड़ी केंद्रों का यही हाल है। अधिकांश केंद्र तो नियमित रूप से खुलते तक नहीं हैं और कागजों में ही व्यवस्थाएं दुरुस्त दिखाई जा रही हैं। अगर धरातल पर उतरकर निष्पक्ष जांच करा ली जाए, तो यह कड़वा सच सामने आ जाएगा कि आखिर कितने केंद्रों में निर्माण और मरम्मत के नाम पर लाखों रुपये ठिकाने लगाने के बावजूद हालात बद से बदतर बने हुए हैं और इसके लिए कौन-कौन से जिम्मेदार बेखौफ बैठे हैं।स्थानीय ग्रामीणों ने इस पूरी कागजी लीपापोती और घटिया निर्माण की उच्चस्तरीय जांच कराकर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

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