महिला आयोग अध्यक्ष डॉ. बबिता सिंह चौहान ने सिद्धार्थनगर में की जनसुनवाई, मेडिकल कॉलेज व जिला जेल का किया निरीक्षण
सिद्धार्थनगर • 21 Jul 2026, 11:42 pm

सिद्धार्थनगर : उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबिता सिंह चौहान की अध्यक्षता में मंगलवार को विकास भवन सभागार में महिला जनसुनवाई एवं जनपद स्तरीय समीक्षा बैठक संपन्न हुई। जनसुनवाई के दौरान महिला उत्पीड़न, घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न और छेड़छाड़ से संबंधित कुल 13 प्रार्थना-पत्र प्रस्तुत हुए। मामलों की सुनवाई करते हुए आयोग अध्यक्ष ने संबंधित अधिकारियों को दोनों पक्षों की बात सुनकर बिना किसी भेदभाव के त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने कड़े निर्देश दिए कि महिला उत्पीड़न के मामलों में पुलिस विभाग त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करे और सभी निस्तारित प्रकरणों की रिपोर्ट 15 दिनों के भीतर उपलब्ध कराई जाए। इसके साथ ही उन्होंने महिलाओं के गायब होने तथा तस्करी की घटनाओं पर कड़ी निगरानी रखने, महिला हेल्पलाइन नंबरों का सार्वजनिक स्थानों पर प्रचार-प्रसार करने और नुक्कड़ नाटक व चौपालों के माध्यम से जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रति जागरूकता फैलाने को कहा।
समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने पर विशेष जोर दिया। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी और जिला विद्यालय निरीक्षक को निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि स्कूलों में शिक्षकों की समय से उपस्थिति सुनिश्चित की जाए और ड्रॉप-आउट बालिकाओं को कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय से जोड़कर शिक्षित किया जाए। उन्होंने सभी विद्यालयों में महिला शौचालय, नियमित सफाई, सेनेटरी पैड वेंडिंग मशीन और छात्राओं के लिए आत्मरक्षा प्रशिक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही आयुष्मान कार्ड और सामाजिक कल्याण योजनाओं का लाभ हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचाने तथा बाल विवाह रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने के निर्देश भी जारी किए।
इसके पश्चात आयोग अध्यक्ष ने माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण किया। वहां उन्होंने इमरजेंसी वार्ड में भर्ती मरीजों का हाल-चाल जाना और डॉक्टरों को समय से ड्यूटी पर उपस्थित रहकर बेहतर इलाज व परिसर में जलजमाव दूर कर सफाई व्यवस्था ठीक रखने के निर्देश दिए। इसी दौरान 'बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ' योजना के अंतर्गत केक काटकर कन्या जन्मोत्सव मनाया गया, जिसमें उन्होंने नवजात कन्याओं की माताओं को उपहार बांटे, गर्भवती महिलाओं की गोदभराई कराई और बच्चों का अन्नप्राशन कराया। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा संचालित कन्या सुमंगला योजना का लाभ हर पात्र लाभार्थी को मिलना चाहिए ताकि बालिकाओं की शिक्षा और विकास में कोई बाधा न आए।
अपने दौरे के अंतिम चरण में डॉ. बबिता सिंह चौहान ने जिला जेल सिद्धार्थनगर का निरीक्षण किया। उन्होंने महिला बैरक में जाकर विचाराधीन महिला बंदियों से वार्ता कर उनका हाल-चाल जाना और जेल में चलाए जा रहे सिलाई-कढ़ाई प्रशिक्षण का जायजा लिया। उन्होंने जेल प्रशासन को बंदियों के नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, स्वच्छ शौचालय और पाकशाला की व्यवस्था दुरुस्त रखने के कड़े निर्देश दिए। इस अवसर पर मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. राजेश मोहन, जिला प्रोबेशन अधिकारी विनय सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी साहब यादव सहित महिला कल्याण एवं स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।









