प्रतिबंधित दवाओं पर कसा शिकंजा: बढ़नी में दवा व्यवसायी के घर प्रशासन की देर रात छापेमारी, जांच जारी
सिद्धार्थनगर • 31 Jul 2026, 11:48 pm

पीपी उपाध्याय
बढ़नी (सिद्धार्थनगर)। मादक एवं प्रतिबंधित दवाओं के कथित अवैध डायवर्जन के खिलाफ चल रही जांच के क्रम में शनिवार देर रात नगर पंचायत बढ़नी के आर्य समाज रोड स्थित एक दवा व्यवसायी के आवास पर प्रशासन एवं संबंधित विभागों की संयुक्त टीम ने छापेमारी की। समाचार लिखे जाने तक तलाशी और जांच की कार्रवाई जारी थी, हालांकि प्रशासन की ओर से फिलहाल किसी बरामदगी या कार्रवाई के संबंध में आधिकारिक जानकारी जारी नहीं की गई है। यह कार्रवाई उस प्रकरण से जुड़ी बताई जा रही है, जिसमें जून माह में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी), मुंबई जोनल इकाई ने बढ़नी के लोहिया नगर स्थित थोक दवा फर्म मेसर्स शशी फार्मा पर छापेमारी कर भारी मात्रा में कोडीनयुक्त प्रतिबंधित दवाएं बरामद करने का दावा किया था और फर्म के प्रोप्राइटर मनीष कुमार अग्रवाल को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में मुंबई भेजा था। एनसीबी की रिपोर्ट के बाद औषधि विभाग द्वारा की गई जांच में जिला औषधि निरीक्षक मनोज कुमार सिंह ने पाया कि फर्म आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत करने में विफल रही। जांच में 9900 नाइट्राजेपाम टैबलेट तथा 120 बोतल कोडीनयुक्त सिरप के कथित अवैध डायवर्जन का संबंध भी इसी फर्म से जुड़ा पाया गया, जिसके आधार पर ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स अधिनियम, 1940 के तहत फर्म का ड्रग लाइसेंस निरस्त करने की संस्तुति सहायक आयुक्त (औषधि), बस्ती मंडल को भेज दी गई है। यदि जांच में सामने आए आरोप विधिसम्मत प्रक्रिया में सिद्ध होते हैं, तो यह केवल एक फर्म के विरुद्ध कार्रवाई नहीं होगी, बल्कि समाज को नशे के जाल से बचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी होगा; वहीं कानून का तकाजा यह भी है कि निष्पक्ष जांच और पारदर्शी कार्रवाई के जरिए ही अंतिम निर्णय तक पहुंचा जाए।









