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बढ़नी रेलवे स्टेशन पर नियमों को ताक पर रख वाहनों से अवैध वसूली, निःशुल्क 'पिक एंड ड्रॉप' पर भी वसूला जा रहा अवैध टैक्स

सिद्धार्थनगर15 Jul 2026, 10:54 pm

बढ़नी रेलवे स्टेशन पर नियमों को ताक पर रख वाहनों से अवैध वसूली, निःशुल्क 'पिक एंड ड्रॉप' पर भी वसूला जा रहा अवैध टैक्स
उत्तर प्रदेशसिद्धार्थनगरव्यूज़: 81
सिद्धार्थनगर। पूर्वोत्तर रेलवे के बढ़नी स्टेशन पर पार्किंग के नाम पर रेल यात्रियों और वाहन स्वामियों से खुलेआम नियमों के विपरीत मनमानी वसूली का मामला सामने आया है। इस संबंध में सबसे गंभीर उल्लंघन यह देखा जा रहा है कि पार्किंग का दायरा (एरिया) तय न होने के कारण ठेकेदार के करिंदे रेलवे स्टेशन के आसपास विभिन्न अनधिकृत जगहों पर जबरन गाड़ियां रुकवाकर पैसे वसूल रहे हैं। इसके अतिरिक्त, रेलवे नियमों के अनुसार जो वाहन केवल यात्रियों को छोड़ने या स्टेशन से पिक करने आते हैं (पिक एंड ड्रॉप), उनसे भी बिना गाड़ी खड़ी किए ज़बरदस्ती शुल्क वसूला जा रहा है, जबकि नियमानुसार निर्धारित समय-सीमा के भीतर पिक एंड ड्रॉप पूर्णतः निःशुल्क होता है। इस वित्तीय अनियमितता की पुष्टि रेलवे प्रशासन के आधिकारिक दर-प्रारूप और मौके पर यात्रियों को थमाई जा रही हैंडहेल्ड मशीन की डिजिटल पर्ची के सीधे मिलान से होती है। रेलवे प्रशासन (सहायक वाणिज्य प्रबंधक, लखनऊ) द्वारा जारी आधिकारिक पार्किंग टोकन के प्रारूप के अनुसार, दोपहिया वाहनों (साइकिल/मोटरसाइकिल) के लिए 0 से 6 घंटे तक की अवधि का पार्किंग शुल्क केवल 12 रुपये निर्धारित है। इसके विपरीत, ठेकेदार द्वारा मौके पर काटी जा रही डिजिटल रसीद (जैसे: बिल संख्या 1658, दिनांक 17/05/2026) पर इन-टाइम सुबह 07:12 बजे गाड़ी खड़ी करते ही सीधे 20 रुपये का शुल्क काटा जा रहा है। यानी 6 घंटे से कम समय के लिए जहां सरकारी नियमानुसार केवल 12 रुपये देय हैं, वहीं डिजिटल पर्ची के जरिए सीधे 20 रुपये वसूले जा रहे हैं। प्रति दोपहिया वाहन की जा रही यह 8 रुपये की अतिरिक्त वसूली सीधे तौर पर अवैध और नियम विरुद्ध है। हैरानी की बात यह भी है कि रेलवे के तय मानकों के अनुसार पार्किंग स्थल पर आधिकारिक रेट बोर्ड (शुल्क तालिका) और ठेकेदार के विवरण का बोर्ड चस्पा होना अनिवार्य है, लेकिन बढ़नी स्टेशन पर ऐसा कोई बोर्ड नहीं लगाया गया है ताकि आम जनता को नियमों और सही दरों की भनक न लग सके। बिना वर्दी और पहचान पत्र के घूम रहे लोगों द्वारा की जा रही इस अवैध वसूली को लेकर स्थानीय बुद्धिजीवियों और रेल यात्रियों में गहरा असंतोष है। जनमानस ने पूर्वोत्तर रेलवे के उच्चाधिकारियों और स्थानीय जिला प्रशासन से मांग की है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले ठेकेदार पर तत्काल कार्रवाई की जाए, पार्किंग की सीमा निर्धारित कर वहां आधिकारिक रेट बोर्ड लगवाया जाए और अवैध रूप से चल रहे इस गुंडा टैक्स पर फौरन रोक लगाई जाए।

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