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बढ़नी रेलवे स्टेशन पर टिकट काउंटर कर्मी की दबंगई का वीडियो वायरल: पहले भी लगा था छिनैती व छेड़छाड़ का आरोप

सिद्धार्थनगर3 Aug 2026, 10:34 pm

बढ़नी रेलवे स्टेशन पर टिकट काउंटर कर्मी की दबंगई का वीडियो वायरल: पहले भी लगा था छिनैती व छेड़छाड़ का आरोप
बढ़नी (सिद्धार्थनगर)। पूर्वोत्तर रेलवे के गोरखपुर-गोंडा रेल खंड स्थित बढ़नी रेलवे स्टेशन इन दिनों अपनी अव्यवस्थाओं और कथित भ्रष्टाचार को लेकर एक बार फिर जनचर्चा के केंद्र में है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तेज़ी से प्रसारित हो रहे एक वीडियो ने स्टेशन के अनारक्षित टिकट काउंटर पर यात्रियों से हो रही कथित धन-उगाही और रेलवे प्रबंधन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इंटरनेट पर वायरल वीडियो में एक यात्री यह आरोप लगाता दिख रहा है कि टिकट काउंटर पर मौजूद कर्मी ने उससे 500 रुपये का नोट ले लिया, लेकिन न तो उसे यात्रा टिकट दिया गया और न ही उसके बाकी रुपये वापस किए गए। उल्टा कर्मी द्वारा पैसे मिलने की बात से ही साफ इनकार कर दिया गया। इस वीडियो के सामने आते ही डिजिटल मंचों पर शिकायतों की बाढ़ सी आ गई है, जहां सैकड़ों यात्रियों ने अपनी आपबीती साझा करते हुए बताया है कि ट्रेन आने के एन वक्त पर हड़बड़ी का फायदा उठाकर खुल्ले (छुट्टे) पैसे न होने के नाम पर 10, 20 या 50 रुपये तक काट लेना यहाँ आम बात बन चुकी है, और विरोध करने पर यात्रियों से बदसलूकी व विवाद किया जाता है। इस पूरे प्रकरण में सबसे चिंताजनक पहलू यह सामने आ रहा है कि टिकट काउंटर पर यात्रियों के पैसे संभालने वाला व्यक्ति रेलवे का नियमित कर्मचारी न होकर एक संविदा (प्राइवेट) कर्मी बताया जा रहा है, जिसका पिछला रिकॉर्ड भी गंभीर विवादों से घिरा रहा है। स्थानीय सूत्रों और पूर्व की शिकायतों के अनुसार, उक्त व्यक्ति पर बीते दिनों एक महिला यात्री के साथ छेड़छाड़ और छिनैती तक के गंभीर आरोप लग चुके हैं। उस प्रकरण के बाद भले ही उसे कुछ समय के लिए स्टेशन परिसर और काउंटर से हटाकर केवल शौचालय देख-रेख के कार्य तक सीमित किया गया था, लेकिन मामला शांत होते ही उसे पुनः टिकट बिक्री जैसे संवेदनशील काउंटर पर बैठा दिया गया। दागी और विवादित छवि के व्यक्ति को बार-बार यात्रियों से सीधे संपर्क वाले स्थान पर तैनात किया जाना, स्थानीय स्टेशन प्रशासन व विभागीय जिम्मेदारों की भूमिका पर भी सीधे तौर पर उंगली उठाता है कि आखिर किस आधार और शह पर ऐसे आचरण वाले कर्मियों को संरक्षण दिया जा रहा है। वायरल वीडियो और लगातार बढ़ रहे जन-आक्रोश के बीच अब स्थानीय प्रबुद्ध वर्ग, यात्रियों और आम जनता ने रेल प्रशासन के उच्च अधिकारियों का ध्यान इस ओर आकृष्ट कराया है। जनहित में मांग की जा रही है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दूध का दूध, पानी का पानी करने के लिए पूरे टिकट काउंटर क्षेत्र व स्टेशन परिसर में अविलंब उच्च गुणवत्ता वाले सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए जाएं। लोगों का स्पष्ट कहना है कि यदि रेल प्रशासन ने इस वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए पूर्व की शिकायतों और वर्तमान कारनामों की निष्पक्ष जांच कराकर आरोपी कर्मी व उसे शह देने वाले जिम्मेदारों पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई नहीं की, तो यात्रियों का भरोसा रेलवे की व्यवस्था से पूरी तरह उठ जाएगा और आने वाले दिनों में यह असंतोष किसी बड़े जनांदोलन या अप्रिय स्थिति का कारण बन सकता है।

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